हिन्दू मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस हिंदुओं का एक मत्वपूर्ण त्यौहार है। धनतेरस कार्तिक के महीने में कृष्णा पक्ष की त्रयोदशी तिथि को दिवाली से ठीक दो दिन पहले मनाया जाता है। हिन्दू शास्त्रों के मुताबिक इस दिन भगवान धन्वंतरि समुन्द्र मंथन के समय अमृत का कलश लेकर प्रकट हुए थे । तभी से इस दिन को धन तेरस के रूप में मनाया जाने लगा । और भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाने लगी । इस दिन से ही दिवाली की तैयारी शुरू हो जाती है । वैसे तो इस दिन माँ लक्ष्मी, कुबेर की पूजा भी की जाती है ।
भगवान धन्वंतरि को स्वास्थ के स्वामी के रूप में जाना जाता है और माँ लक्ष्मी को धन और समृद्धि के लिए। यह भी मानते हैं कि आज के ही दिन मां लक्ष्मी और कुबेर जी की भी उत्पत्ति हुई थी। दोनों का सम्बंध धन व समृद्धि से है इसलिये भी इसे धनतेरस या धन त्रयोदशी कहा जाता है। इसलिए धन और अच्छे स्वास्थ के लिए धनतेरस का त्यौहार मनाया जाता है ।
धनतेरस पूजा का सही समय और शुभ मुहूर्त
इस बार धनतेरस 6 नवंबर 2026 शुक्रवार के दिन मनाया जाएगा। त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 6 नवंबर को सुबह लगभग 9:30 बजे से होगी और इस तिथि की समाप्ति 7 नवंबर 2026 को सुबह लगभग 11:45 बजे होगी। धनतेरस पर खरीदारी का शुभ मुहूर्त 6 नवंबर को ही सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक रहेगा। और धनतेरस पूजा मुहूर्त का समय भी शुक्रवार को ही शाम 6:18 बजे से रात 8:10 बजे तक रहेगा।
धनतेरस पूजा में आवश्यक सामग्री
जैसा कि आपको बताया कि धनतेरस के दिन माँ लक्ष्मी , कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है इन तीनो की पूजा के विना यह त्यौहार पूरा नहीं होता है । वैसे ही पूजा के लिए इन सामिग्री का होना भी आवश्यक है।
- भगवन धन्वंतरि , माँ लक्ष्मी की तस्वीर गणेश जी के साथ
- गणेश जी को अक्षत, सिंदूर, फूल, दूर्वा, पान का पत्ता, सुपारी
- माता लक्ष्मी को सिंदूर, अक्षत, कमल का पुष्प, कमलगट्टा, फल, धूप, गंध, मिठाई
- मिटटी के दिये
- लकड़ी की चौकी
- लाल कपड़ा
- कुमकुम
- हल्दी की गांठ
- रोली
- अगरबत्ती
- धूपबत्ती
- गाय का घी
- खील बतासे
- झाड़ू
- नए बर्तन
- चांदी के सिक्के
- कपूर
- रंगोली पाउडर
- सरसो का तेल
धनतेरस पूजा विधि:
आज के समय में धन और अच्छा स्वस्थ सबसे ज्यादा जरुरी होता है तो आपको धनतेरस पर माँ लक्ष्मी और भगवान की पूजा करके उसकी कामना जरूर करनी चाहिए । आइये जानिए कैसे करे धनतेरस की पूजा
- धनतेरस के दिन सूर्य उदय होने से पहले जल्दी उठें और दिनचर्या के अनुसार स्नान आदि करें
- नये वस्त्र धारण करें
- मंदिर की साफ सफाई करके सूर्य भगवान को जल अर्पित करें
- और दिन भर माँ लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि का ध्यान करें
- शाम के समय मुहर्त पर पूजा शुरू करें
- घर के द्वार पर रंगोली बनाये और माता के चरण स्थापित करें
- एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर माँ लक्ष्मी , कुबेर और भगवान धन्वंतरि की तस्वीर स्थापित करें
- 1 कटोरी गेहू लेकर चौकी पर भगवन के सामने रखें और उस पर घी का दीपक जलाये
- कुमकुम चन्दन का तिलक लगाए
- अब भगवान गणेश की पूजा करें लड्डू का भोग लगाये
- माँ लक्ष्मी को सिंदूर लगाकर श्रंगार अर्पित करे और भोग लगाये
- उसके बाद भगवन कुबेर का 108 बार ॐ कुबेराय नमः का जप करे हुए पूजन करें
- धनवंतरी स्तोत्र का पाठ भी करना चाहिए
- झाड़ू पर कुमकुम और मिठाई का प्रसाद चढ़ाकर पूजन करें
- अब सबकी आरती करे
- हाथ जोड़कर सुख समृद्धि और धन स्वस्थ की कामना करें
धनतेरस पर क्या खरीदें और क्यों ?
धनतेरस पर वैसे तो सोना , चांदी और बर्तन खरीदना बहुत ही शुभ समझा जाता है लेकिन अगर आप इस दिन धनिया खरीदते है तो माँ लक्ष्मी बहुत ज्यादा प्रसन्न होती है। क्योकि माँ लक्ष्मी को धनिया बहुत ज्यादा पसंद है। अगर आप धनिया खरीद कर माँ लक्ष्मी के चरणों में अर्पित करते है तो आपको धन धान्य की कभी कोई कमी नहीं होगी और आपका घर हमेशा खुशियों से परिपूर्ण रहेगा और पैसो की कभी कोई कमी नहीं आएगी ।